नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय आस्था का महापर्व छठ शुरू

दुमका, 18 नवंबर। नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय सूर्योपासना का महापर्व छठ बुधवार से शुरू हो गया है। नहाय-खाय के दिन कद्दू की प्रमुखता होती है। इस कारण छठ व्रती महिलाएं कद्दू की सब्जी के साथ अरवा चावल का भात और चना दाल के साथ विविध भोजना बनाती हैं और उसे भगवान सूर्य को अर्पित कर प्रसाद के रूप में ग्रहण करती हैं। नहाय-खाय के दिन भोजन बनाने में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है। नहाय-खाय के दिन से घरों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस पर्व में स्वच्छता और पवित्रता का विशेष महत्त्व है। इसमें कई कठिन नियमों का पालन करना पड़ता है। इस पर्व की महत्ता इसलिए भी है कि इस पर्व में परिवार के सभी सदस्यों की खुशहाली और प्रगति की कामना की जाती है। दुमका शहर के कई घरों में छठ व्रत किया जाता है। गुरूवार को छठ पर्व का खरना है तथा शुक्रवार को छठ पर्व का पहला अर्घ्य दिया जाएगा।
18 नवंबर 2020 दिन बुधवार को नहाय-खाय
19 नवंबर 2020 दिन गुरुवार को खरना
20 नवंबर 2020 दिन शुक्रवार को डूबते सूर्य का अर्घ्य
21 नवंबर 2020 दिन शनिवार को उगते सूर्य का अर्घ्य

पूजा में उपयोग आने वाले सामनों का कीमत
सूपती-20 से 25 रूपये पीस
बड़ा सूप- 60 से 65 रूपये पीस
छोटा डलिया-50 रूपये पीस
बड़ा डाला-220 रूपये पीस
कढोती-60 रूपये पीस
सरपोस-10 रूपये पीस
दीया-1 रूपये पीस
मिट्टी का धूमना- 10 रूपये पीस
नारियल- 90 रूपये जोड़ा
डाभा नीबू- 20 रूपये पीस
नीबू- 80 रूपये किलो
केला- 300 रूपये घानी
सेब-120 रूपये किलो
पंचमेवा- 700 रूपये किलो
शरीफा- 200 रूपये किलो
नाशपती- 140 रूपये किलो

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