आदिवासी व पहाड़िया टोला के ग्रामीण चंदा एकत्रित कर बना रहे 4 किमी सड़क

मूलभुत सुविधाओं के अभाव में वर्षो से जीने को विवश है ग्रामीण

दुमका, 30 अगस्त। जिले के गोपीकांदर प्रखंड क्षेंत्र के मुसना पंचायत के भादरादिघा गांव के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। इस भादरादिघां गांव में दो टोला है एक आदिवासी के संथाल टोला और एक आदिम जनजाति (पहाड़िया) टोला है। इन दोनो टोला में लगभग 70 परिवार के 300-400 लोगों का निवास स्थान है। दोनो टोला के सभी लोग कच्चे मकान मे ही गुजर-बसर करते है। लेकिन विगत दिनो से हो रही लगातार बारिश ने इसके सर छत छिन लेने पर अमादा हो रही है। दिन-रात ग्रामीण खौफ के साये में काटने पर विवश है। बताते चले कि इस भादरादिघा गांव के निवासी वर्षो से पीसीसी पथ का मांग कर रहे है। जिसके लिए ग्रामीण सांसद, विधायक और प्रखंड के बीडीओं तक को आवेदन लिखकर उक्त समस्या से अवगत करा चुके है। लेकिन इस ओर किसी का कोई ध्यान नहीं दिया गया।

सरकार से थक-हार बना रहे है 4 किलोमीटर की रोड
कहावत है ना कि अगर सभी रास्ते बंद हो जाये तो अपने से रास्ते स्वयं निकालना चाहिए। ठीक उसी तरह भादरादिघा गांव के लोग ने कर दिखायां। सांसद, विधायक और बीडीओ के पास आवेदन दे कर कुछ नही हुई तो अखिर कार थक-हार कर गांव के घर-घर जा चंदा एक्कठा कर अपने से अपने-अपने परिवार संग बच्चे संग मिलकर भादरादिघा से लेकर बबईकोड़ा तक बना रहे है 4 किलोमीटर की रोड। ग्रामीणों का कहना है कि रोड ना रहने से लोगो को काफी समस्याओ का समना करना पड़ रहा है रोड ना रहने से गर्भवती महिलाओ को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा पा रहा है। बच्चे समय पर स्कूल और कॉलेज नहीं जा पाते है एवं अन्य समस्याओ का सामना करना पड़ता है।

मूलभुत सुविधाओ से वंचित है ग्रामीण

गोपीकांदर प्रखंड क्षेंत्र के भादरादिघा गांव के जोकिन हेम्ब्रम एवं गांव के लोगो का कहना है कि रोड ना रहने से भादरादिघा गांव के निवासी मुल-भुत सुविधाओ से वंचित है। इस गांव के लोग प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, बकरी सैठ, सड़क, नाला, राशन कार्ड, आंगनबाड़ी केंद्र, नरेगा, जलमिनार एवं अन्य आदि जैसे मूलभूत सुविधाओ से आज भी वंचित है जिस को लेकर इस गांव के लोगों के बीच काफी आक्रोश देखने को मिला।

झामुमो सांसद एवं विधायक के पर है आक्रोशित ग्रामीण
गोपीकांदर प्रखंड क्षेंत्र के भादरादिघा गांव के लोगो के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा पाटी के क्षेत्रीय संसद विजय हांसदा और पुर्व विधायक साईमन मरांडी के ऊपर फूट-फूट कर गुस्सा देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्रीय संसद विजय हांसदा को 2 बार, पूर्व विधायक साइमन मरांडी को 3 बार और गोपीकांदर प्रखंड के बीडीओ को भी 3 बार लिखित आवेदन देकर उक्त समस्याएं को अवगत करा चुके है। लेकिन इस ओर नहीं कोई नेता और नहीं कोई अधिकारीयों के द्वारा ध्यान दिया गया। भादरादिघा गांव के लोगो का कहना है कि गोपीकांदर प्रखंड एवं भादरादिघा गांव झामुमो का गड़ होकर भी यहां के लोगो कि समस्याओ का ध्यान नही दिया जा रहा है। लोगो का यह भी कहना है आने वाली चुनाव में झामुमों पार्टी को इसकी भारी नुकसान चुकाना पड़ेगा। भादरादिघा गांव के लोगों में जोकिन हेम्ब्रम, रविन्द्र हांसदा,मनीव किस्कू, एटेफेन हांसदा, एमेल किस्कू, जगरनाथ देहरी,पंकज देहरी,दुलाल देहरी, जितेंद्र देहरी, गमाल हांसदा, सविना हांसदा, सिरिफुल हांसदा, फुलमुनी मुर्मू, एनी सोरेन, उपेंद्र देहरी एवं अन्य आदि दर्जनों लोग मौजूद थे।

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