राज्य की दो सीटों के लिए 19 जून को डाले जाएंगे वोट

राज्य की दो सीटों के लिए 19 जून को डाले जाएंगे वोट

झारखंड की दो सीटों के लिए 26 मार्च को होना था मतदान, भाजपा के दीपक प्रकाश और गठबंधन के शिबू सोरेन व शहजादा अनवर मैदान में

रांची। राज्यसभा की दो सीटों के लिए 19 जून को चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव आयोग ने सोमवार को तारीख का ऐलान किया। पहले यह चुनाव 26 मार्च को होने थे और इसी दिन वोटों की गिनती भी होनी थी। लेकिन, देश में कोरोना संकट के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था। राज्य की दो सीटों के लिए भाजपा की ओर से दीपक प्रकाश और गठबंधन की ओर से एक सीट के लिए जेएमएम के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन और दूसरी सीट के लिए कांग्रेस नेता शहजादा अनवर मैदान में हैं। अप्रैल में राज्यसभा के दो सदस्य प्रेमचंद गुप्ता और निर्दलीय परिमल नथवाणी का कार्यकाल खत्म हो गया है।

रास चुनाव में झामुमो प्रत्याशी गुरुजी के बाद भाजपा के दीपक की राह आसान
झारखंड राज्यसभा चुनाव 2020 में भाजपा का पलड़ा थोड़ा भारी हो गया है। दुमका विधानसभा सीट को सीएम हेमंत सोरेन द्वारा छोड़े जाने और बेरमो के कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह के असमय निधन से सत्ता पक्ष के दोनों सीटें जीतने का गणित गड़बड़ा गया है। राजेंद्र सिंह के नहीं रहने के कारण कांग्रेस उम्मीदवार शहजादा अनवर के विजय की संभावना पर सीधा ग्रहण लगता दिख रहा है। पहले जहां विधानसभा का स्ट्रेंथ 81 था, वह इन दो घटनाओं के कारण अब घटकर 79 पर आ गया है।

राज्यसभा की दो सीटों के लिए होनेवाले चुनाव में जहां पहली सीट के लिए झामुमो के शिबू सोरेन की जीत पक्की मानी जा रही है। वहीं अब दूसरी सीट के लिए भाजपा के दीपक प्रकाश निर्णायक बढ़त की ओर दिख रहे हैं। जीत के लिए 27 विधायकों के वोटों की अनिवार्यता को देखते हुए 29 विधायकों वाले झामुमो प्रत्याशी शिबू सोरेन की जीत तय है। 25 विधायकों वाली भाजपा के दीपक प्रकाश भी अब नंबर गेम में पहले से और मजबूत हो गए हैं।

जीत के लिए एक प्रत्याशी को 28 विधायकों का समर्थन जरूरी
9 अप्रैल को राज्यसभा में झारखंड से दो सीटें खाली हो गई हैं। चुनाव में जीत के लिए एक उम्मीदवार को कम से कम 28 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। झामुमो के पास 30 विधायक हैं। बाबूलाल मरांडी के भाजपा में शामिल होने के बाद इस पार्टी की सदस्य संख्या 26 हो गई है। आजसू के दो विधायकों को मिला लें तो भाजपा समर्थक विधायकों की संख्या 28 हो जाती है। वैसे भाजपा का दावा है कि दो निर्दलीय विधायक भी उनके संपर्क में हैं। इन्हें मिला लें तो भाजपा 30 तक पहुंच जाती है। इस प्रकार जेएमएम-भाजपा अपने-अपने उम्मीदवारों को राज्यसभा भेज सकते हैं।

छह साल का होता है राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल
राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 6 साल का होता है। इन सदस्यों का चुनाव लोकसभा सदस्यों की तरह प्रत्यक्ष रूप से वोटरों के द्वारा नहीं होता। राज्यसभा सदस्यों का निर्वाचन राज्यों की विधानसभाओं और विधानमंडलों के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा किया जाता है। जिस राजनीतिक दल के पास जितने अधिक विधायक होंगे, वह उतने ही अधिक सांसदों को राज्यसभा में भेज सकती है।

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