डार्क हॉर्स: एक अनकही दास्तां, युवा साहित्यकार नीलोत्पल मृणाल की रचित पुस्तक जल्द दिखेंगी बड़े पर्दे पर

डार्क हॉर्स: एक अनकही दास्तां, युवा साहित्यकार नीलोत्पल मृणाल की रचित पुस्तक जल्द दिखेंगी बड़े पर्दे पर

अधिकतर के लिये एक सामान्य लेकिन खुद की तरफ से एक खास खुशी साझा कर रहा हूँ।इस पल को साझा करने में पूरे 5 साल के सफ़र का एक-एक लम्हा याद आता है।आपलोगों ने बतौर पाठक पहले ही दिन से इस किताब को जिस तरह पढ़ा और देखा ये उसी का परिणाम है कि आज इस किताब के आधिकारिक तौर पे फिल्म निर्माण हेतू अधिकार करार करने के बाद आपसे ये ठोस तौर पे खुशी साझा कर रहा हूँ कि अब डार्क हॉर्स अपनी नई यात्रा पे निकल चुका।
किताब कब चलचित्र के रूप में दिखेगी? कौन से कलाकार हैं?कौन बना रहा? ऐसी तमाम जिज्ञासा भी स्वाभाविक है।लेकिन करार की कुछ शर्तों के कारण तत्काल ये पूरी जानकारी नहीं बता रहा पर ये जरूर बता दूँ कि जल्द ही ये भी साझा करते हुए एक बार और आपके प्रति आभार कहने जरूर आना चाहूँगा।
एक छोटी सी यात्रा से शुरू कर चलचित्र हेतू करार तक का सफ़र आप पाठकों की नेमत है।
आपने लगातार इसे पढ़ते हुए इसमें सिनेमा की संभावना जताते रहे।शायद यही बात हमारा उत्साह बढ़ाती रही और पिछ्ले 2 साल से एक लंबी उठा पटक के बाद अंततः ये साझा करने का अवसर आ ही गया कि “डार्क हॉर्स पे सिनेमा के लिये करार ” हो गया है।
आगे ये कब तक साकार रूप में दिखेगा ये अभी कहना जल्दीबाजी होगी क्योंकि जो लोग इस दुनिया से परिचित हैं कि ये एक लंबी रचनात्मक प्रक्रिया है जिसमें वक़्त तो लगता ही है।और वैसे भी हम जब अपनी लिखी किताब की प्रकाशन तिथि पर कुछ तय नहीं कह पाते तो फिल्म/वेब सीरीज तो एक सामूहिक और बेहद गहन सह दीर्घ प्रक्रिया है जिसमें वक़्त की सीमा तय करना बेमानी है।
पर अब इतना जरूर कहा जा सकता है कि,ये होना तय है।

इस लॉकडाऊन के इस विपदा,अवसाद और विशेष दवाब वाले समय में ये खबर(व्यक्तिगत) मेरे लेखन के लिये थोड़ी राहत ले के आई है।और ऐसे समय जब बतौर बाज़ार भी हर क्षेत्र मंदी की मार में है,इसका व्यवसायिक करार इस बात के लिये काफ़ी राहत वाला है कि नई पीढ़ी की हिंदी किताबें अब भी मुम्बई की नजर में हैं।इसने थोड़ा उत्साहित तो किया ही है।

कुल मिला कर आप सब के प्रति बार-बार आभार प्रकट करना था।उन सभी के प्रति ऋणी भी हूँ जिन्होनें हमेशा लिखने को लेकर प्रेरित किया,उत्साह बढ़ाया।उन अनगिनत पाठकों का कई बार आभार जिन्होनें कई बार कहा”इस पर फिल्म या वेब सीरीज बने तो मजा आ जाय”
आप सब द्वारा यही शुभकामना मिलती रहे।जय हो।

नीलोत्पल मृणाल,
युवा कवि, लेखक एवं साहित्यकार
नोनीहाट, दुमका।

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