लॉक डाउनः राशन से वंचित महिलाओं ने सड़क पर उतर जताया विरोध

लॉक डाउनः राशन से वंचित महिलाओं ने सड़क पर उतर जताया विरोध

एफसीआई के अनाज उतारे, स्थानीय प्रशासन के आश्वासन पर माने

दुमका। राशन नहीं मिलने से नाराज महिलाओं ने सड़क पर उतर जमकर बबाल मचाते हुए । घटना दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के सरसडंगाल गांव की है। जहां मंगलवार को गरीब और असहाय महिलाएं सड़क पर उतर कर इस लॉक डाउन काल में भूखे प्यास से निजात दिलाने का गुहार प्रशासन से लगाई है। सरसडंगाल पंचायत की सभी महिलाएं एकजुट होकर दुमका-रामपुरहाट मुख्य सड़क के पास आकर इकट्ठा हो गई। इसी बीच शिकारीपाड़ा एफसीआई गोदाम से डीलर का चावल लेकर गाड़ी हंसापत्थर जा रहा था। जहां सरसडंगाल की महिलाओं ने चावल लदे ट्रक को रोककर ट्रक से चावल उतारने लगी। बहुत सारा चावल उतार कर महिलाओं ने रोड के बगल में रख दिया। इसी बीच शिकारीपाड़ा की पुलिस को उक्त घटना की सूचना मिलते ही पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी वकार हुसैन अपने पुलिस जवान दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। घटनास्थल पर पहुंचकर एकत्रित हुए महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। वहां की महिलाओं ने आरोप लगाया कि एक महीने के लॉक डाउन कार्यकाल में हम सभी गरीब और असहाय महिलाएं मजदूर वर्ग से आते हैं और हम लोगों के पास खाने-पीने के लिए कुछ भी नहीं है। अभी तक सरसडंगाल पंचायत के मुखिया द्वारा लोगों को कोई भी सहायता के लिए चावल आदि नहीं दिया गया है। थाना प्रभारी वकार हुसैन ने सीईओ अमृता कुमारी को फोन से सूचना देकर घटनास्थल पर बुलायी। सीईओ घटनास्थल पर पहुंचकर सभी महिलाओं से बातचीत की। बातचीत के दौरान महिलाओं ने आरोप लगाया कि हम सभी गरीब और असहाय मजदूर हैं और लाभ डाउन कार्यकाल में सभी खदान क्रेशर आदि बंद रहने के कारण हम लोगों को कहीं काम नहीं मिलता है। जिससे आज हम लोग भूखे रहकर जीवनयापन कर रहे हैं। हम लोगों को देखने वाला अभी तक प्रखंड से कोई भी प्रशासन सुधि लेने नहीं पहुंचा है। सरकार की ओर से आपदा राहत कोष में जो फंड दिया गया है। उसका भी आज तक लोगों को चावल आदि नसीब नहीं हुआ है। यहां यह बताते चलें कि महिलाओं ने आरोप लगाया कि लोगों के पास कार्ड नहीं है और हम लोग को अनाज नहीं मिलता है। कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि जिसके पास कार्ड है। उससे भी यहां के डीलर पैसे लेकर चावल देते हैं। सीओ अमृता कुमारी से पूछे जाने पर सीओ ने बताया कि हम इन सब का जांच कर कार्रवाई करेंगे। साथ ही जिसका कार्ड नहीं है, उसको अविलंब ही चावल दिया जाएगा। जिस की सूची मुखिया को जल्द जमा करने का निर्देश एवं मुखिया के पास जो भी चावल अभी बचा हुआ है। उससे गरीब और सहायक है पांच-पांच किलो देने का निर्देश दिया।

Niraj Singh

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