सरलता और शालीनता ही नारायण को प्राप्ति का सच्चा मार्ग हैः शिवम विष्णु

सरलता और शालीनता ही नारायण को प्राप्ति का सच्चा मार्ग हैः शिवम विष्णु

सात दिवसीय भागवत सप्ताह यज्ञ के दूसरे दिन गीता पर हुआ प्रवचन

दुमका। बाबा बासुकीनाथ की असीम अनुकम्पा के फलस्वरूप यज्ञ मैदान दुमका में बड़े धूम धाम से मंगलवार को दूसरे दिन भागवत सप्ताह यज्ञ कथा का आयोजन हुआ। कोलकाता से युवा भागवत प्रवक्ता श्री कृष्णानुरागी पं. शिवम विष्णु पाठक जो कि अपने जीवन की 69 वीं कथा कर रहे है ने द्वितीय दिवस के उत्तम प्रसंगों का वर्णन किया। श्री बोल बम सेवा समिति, सेवा शिविर स्थल (कुरमाहाट ) दुमका के तत्वावधान में आयोजित सप्ताह यज्ञ में कथा व्यास ने भीष्म गीता का वर्णन करते हुए कहा कि सरलता और शालीनता ही नारायण को प्राप्त करने का सच्चा मार्ग है। चतुः श्लोकी भागवत का वर्णन करते हुए नारायण की महत्ता और सत्ता का बोध कराया। कथा व्यास पंडित पाठक ने श्रोताओं से कहा कि यदि नारायण को जानना है तो पहले शरीर को स्थिर करो, शरीर जब तक स्थिर नहीं होगा, तब तक मन स्थिर नहीं हो सकता। वराह प्रभु कें अवतरण का प्रसंग हुआ। कथा व्यास नें कहा कि वृंदावन कोई तीर्थ नहीं है, वह प्रभु का साक्षात घर है। कथा व्यास ने समस्त आए हुए श्रोत्रिवृंद से निवेदन किया कि वृंदावन जाओ तो यह समझ के जाओ कि प्रभु के घर जा रहे हो और प्रभू के घर पिकनिक मनाने नहीं बल्कि साधना के लिए जाना चाहिए। कपिल देवहूति संवाद के माध्यम से इन्द्रियों को वश में करने का मार्ग बताया। व्यास ने कहा कि जिसकी इन्द्रियां वश में वो दशरथ है और जिसकी इन्द्रियां वश में नहीं वो दशानन। जब थाली भरके लाई खिचडो गाया गया तो सारा पंडाल ऐसी अनुभूति कर रहा था मानो सब खाटू श्याम ही आ गये हो। पहले दिन की कथा शिव शक्ति चरित्र के साथ हुआ। बाबा भोलेनाथ का जब भजन गाया गया तो सारे श्रोता आनंद से परिपूर्ण हो गए। बुधवार को कथा के तीसरे दिन अजामिल की कथा, प्रहलाद चरित्र, समुद्र मंथन एवं वामन अवतार का विस्तार से वर्णन होगा। माघ मास और मकर संक्रांति की महोत्सव पर चल रही इस दिव्य कथा का ज़्यादा से ज़्यादा भक्त लोग श्रवण लाभ ले यही समिति के सदस्यों की मनोकामना बताया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *