डीपीएस स्कूल प्रबंधन के सुरक्षा को धता बता दो छात्र हुए फरार

डीपीएस स्कूल प्रबंधन के सुरक्षा को धता बता दो छात्र हुए फरार

प्रबंधन ने जबरन एक छात्र को ले जाने के आरोप में दूसरे छात्र को किया स्कूल से निष्कासित

दुमका। मेडिकल कालेज आफ अस्पताल रोड स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में कक्षा चार में पढ़ने वाले दो छात्र स्कूल प्रबंधन की सारी सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर शुक्रवार की सुबह करीब चार बजे दीवार फांदकर स्कूल भाग गए। करीब आठ घंटे के बाद परिजनों ने दोनों को स्कूल प्रबंधन के सामने पेश किया। स्कूल प्रबंधन ने जबरन एक छात्र को लेकर जाने वाले दूसरे छात्र को स्कूल से निष्कासित कर दिया। फिर से कोई बच्चा इस तरह ही हरकत नहीं करें, इसके लिए परिसर में दो गेट का निर्माण कराया जाएगा।
विद्यालय में कक्षा चार में रानीबहाल का दीप और पाकुड़ के सिंगारसी का विश्वजीत नामक छात्र पढ़ता है। दोनो स्कूल परिसर में बने होस्टल में करीब दो साल से रहकर पढ़ाई करते हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिए दिन और रात में एक सुरक्षा गार्ड रहता है। शुक्रवार की सुबह छात्रों ने प्रधानाध्यापक अखिलेश झा को बताया कि दीप और विश्वजीत कमरे में नहीं है। इसके बाद स्कूल में सनसनी फैल गई। स्कूल कर हर शिक्षक दोनो का पता लगाने में जुट गया। करीब नौ बजे स्कूल प्रबंधन ने दीप और विश्वजीत के परिजनों को उनके स्कूल से चले जाने की सूचना दी। स्कूल से निकलने के बाद विश्वजीत दीप को लेकर सिंगारसी स्थित अपने घर पहुंचा। परिजनों को पहले ही स्कूल प्रबंधन से उनके चले जाने की बात बता दी। इसलिए परिजनों ने दोनों को सामने देखने के बाद सीधे प्रधानाध्यापक को फोन कर बताया कि दोनों बच्चे उनके पास हैं। दोनों को लेकर दुमका आ रहे हैं। स्कूल आने पर दीप ने बताया कि विश्वजीत ही उसे लेकर गया था। दुमका से काठीकुंड तक एक आटो बुक की। जब वहां पहुंचने पर उतरने का प्रयास किया तो चालक ने नीचे नहीं आने दिया और सीधा आटो लेकर विश्वजीत के घर पहुंच गया। स्कूल प्रबंधन ने भागने के लिए पूरी तरह से जिम्मेवार विश्वजीत को स्कूल से निष्कासित कर दिया। दीप के पिता विष्णुपद चौधरी का कहना था कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से बच्चे निकल भागे। सुरक्षा के लिए कई बार अनुरोध किया गया था लेकिन प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया। अगर बेटे के साथ कुछ अनहोनी हो जाती तो इसके लिए कौन जिम्मेवार होता।

बढ़ायी गई स्कूल की सुरक्षा
बच्चों के भागने के बाद स्कूल प्रबंधन भविष्य के लिए सतर्क हो गया है। दोपहर में परिसर में दो गेट लगाने का काम एक दुकानदार को दिया गया। जिससे बच्चे किसी भी सूरत में हास्टल से बाहर नहीं आ सके। चौकीदार को भी सुबह सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।

विश्वजीत ही दीप को लेकर गया था, इसलिए उसे स्कूल से निकाल दिया गया है। सात फीट की दीवार फांदने के लिए बच्चों ने खिड़की पर पैर रखकर छलांग लगायी। स्कूल की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। निःसंदेह यह एक गंभीर मामला है। भविष्य को लेकर अब सतर्कता बरती जा रही है।
अखिलेश झा, प्रधानाध्यापक सह निदेशक, डीपीएस दुमका

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