आतंकियों से लोहा लेते हुए झारखंड का एक और लाल कुलदीप उरांव हुआ शहीद

आतंकियों से लोहा लेते हुए झारखंड का एक और लाल कुलदीप उरांव हुआ शहीद, सीएम हेमंत सोरेन ने जताया शोक

शहीद कुलदीप के पिता हैं सीआरपीएफ के रिटायर्ड जवान, पत्नी कोलकाता पुलिस में हैं कॉन्सटेबल

साहिबंगज , 03जुलाई। साहिबंगज में एक शहादत की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि यहां का एक और लाल शहीद हो गया। यहां दो महीने के अंदर साहिबंगज के तीन भारत मां के लालों ने देश की सुरक्षा पर अपनी जान न्योछावर की है। एक छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों से लोहा लेते हुए साहिबगंज के मन्ना यादव व लद्दाख की गलवन घाटी में कुंदन कुमार ओझा वीरगति को प्राप्त हुए थे। और अब 

श्रीनगर के मालाबाग इलाके में गुरुवार देर रात आतंकियों के साथ शुरू हुई मुठभेड़ मे सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है, जबकि सीआरपीएफ का भी एक जवान शहीद हो गया है और एक अन्य घायल है। सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि मालाबाग इलाके में आतंकी छिपे हुए हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए सीआरपीएफ की क्विक ऐक्शन टीम ने जम्मू कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप के साथ मिलकर पूरे इलाके को घेर लिया। जैसे ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया। इस बीच सीआरपीएफ के दो जवान घायल हो गए थे, जिन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान साहेबगंज अजाद नगर निवासी कुलदीप उराव शहीद हाे गए है। कुलदीप के शहीद होने की सूचना उसके परिजनों को सीआरपीएफ कमांडेंट ने दी। कुलदीप के शहीद होने की सूचना के बाद से कुलदीप के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं इस सूचना के बाद से ही गांव के हर व्यक्ति की आंखें नम हैं। ग्रामीणों की माने तो सूचना आने के बाद से ही गांव के किसी भी घर में चूल्हा तक नहीं जला है। शहीद कुलदीप का पार्थिव शरीर शनिवार को साहेबगंज अजाद नगर में आने की संभावना है। शहीद कुलदीप का अंतिम संस्कार उनके जैप 9 ग्राउंड के पीछे अपनी पुश्तैनी जमीन पर आदिवासी रीति रिवाज के साथ किया जाऐगा। इसके लिए शहर की तरफ से शहीद को सम्मान देने के लिए साफ-सफाई कराई गई है, चारो और तिरंगा झंडा लगाने का तैयारी चल रहा है। शहीद कुलदीप दो भाई थे। वहीं शहीद के पिताजी धनश्याम उरांव ने बताया कि फोन पर शहीद होने की सूचना सीआरपीएफ के कमांडेंट ने देर रात्रि दी थी। उसके बाद से ही घर के साथ-साथ पूरे नगर में सन्नाटा पसरा है और हर कोई इस दुखद हादसे से दुखी है। 

कुलदीप के पिता भी फौज में थे 

कुलदीप के पिता घनश्याम उराव सीआरपीएफ के रिटायर्ड जवान हैं। कुलदीप की पत्नी कोलकाता पुलिस में कॉन्स्टेबल है। कुलदीप के दो छोटे बच्चे हैं जो अपने मां के साथ कोलकाता में रहते हैं। साहेबगंज में उनके पिता और भाई रहते हैं। शहीद के पिता घनश्याम उरांव ने कहा कि सीआरपीएफ में मैंने भी सेवा की है और मेरे बेटा भी सीआरपीएफ में सेवा करते हुए शहीद हुआ है। इस बात का हमें गर्व है, लेकिन सरकार को आतंकवादी घटनाओं से सबक लेते हुए कोई स्थाई निदान करना चाहिए, ताकि हमारे वीर जवान इस तरह शहीद ना हो। शहीद कुलदीप उरांव के पिता वर्तमान में नगर परिषद के वार्ड नंबर 28 के वार्ड पार्षद भी हैं। इधर शहादत की सूचना मिलने पर उनके घर  लोगों का पहुंचना शुरू हो गया है। सब शहीद के पार्थिव शरीर आने का इंतजार कर रहे हैं। 

कुलदीप का देश भक्ति में था जज्बा 

शहीद कुलदीप उरांव के बडे भाई प्रदीप उरांव ने बताया की कुलदीप छोटा भाई है। उसमें बचपन से गजब का देशभक्ति को लेकर जज्बा था। वह अपने पिताजी को फौज में देख उसे बचपन से ही फौज में जाने का शौक था। उन्होंने बताया कि कुलदीप की पढ़ाई सरकारी विद्यालय साहिबगंज पुलिस लाइन स्थित मध्य विद्यालय में किया गया था। जिसके बाद पिताजी का 1985 में हैदराबाद पोस्टिंग होने पर उसकी पढ़ाई 3 से 5 के लिए हैदराबाद केंद्रीय विद्यालय में नामांकन किया गया था। जिसके बाद 5 से 6 पिताजी का बेंगलुरु में ट्रांसफर होने पर उनकी पढ़ाई बेंगलुरु में हुई उसके बाद पिताजी का ट्रांसफर टाटानगर में हुई जहां उनकी पढ़ाई 6 और 7 की पढ़ाई की जिसके बाद पिताजी का ट्रांसफर बिहार के मोकामा में हुआ जिसके बाद कुलदीप की पढ़ाई 7 से इंटर तक की पढ़ाई मोकामा बिहार में किए। साथ ही उसके बड़े भाई प्रदीप उरांव ने बताया कि वह मैट्रिक एग्जाम देने के बाद ही वह फौज में जाने के लिए वैकेंसी भरते रहते थे। जिसके बाद 2001 में इंटर की फाइनल कर ही रहे थे कि उनकी सिलेक्शन सीआरपीएफ बटालियन 118 कॉन्स्टेबल के रूप में हुई जिसका पहला पोस्टिंग श्रीनगर में हुआ जिसके बाद 2008 में उनका दूसरा पोस्टिंग आसाम के कोकराझार में हुआ लेकिन उसमें गजब की देशभक्ति का जज्बा था। जिसको लेकर वह आसाम से से अपना ट्रांसफर पुनः श्रीनगर मैं करवा लिए साथ ही उन्होंने बताया कि उन्होंने बताया कि उसको हॉकी और फुटबॉल में खेलने में वह हमेशा टॉपर रहते थे और सीआरपीएफ जॉइन करने के बाद वह निशान आवाज में भी अब्बल निशानेबाज बने बने जिसको देखते हुए सीआरपीएफ के द्वारा 2015 में क्विक एक्शन टीम के हेड कांस्टेबल किया गया था। साथ ही बताया कि कुलदीप की शादी 2009 में वेस्ट बंगाल के 24 परगना पांसिला आदिवासी सोतपुर गांव में वंदना उरांव के साथ हुई थी फिलहाल उसकी पत्नी वंदना उरांव भी वेस्ट बंगाल में पुलिस में कार्यरत है उसका एक बेटा यस उरांव 9 वर्ष वह बेटी वेशी उरांव 6 वर्ष की है। उन्होंने बताया कि कुलदीप की अंतिम संस्कार जैप 9 ग्राउंड के पीछे अपनी पुश्तैनी जमीन पर किया जाएगा उन्होंने कहा कि उनकी मां की भी अंतिम संस्कार उसी जमीन पर किया गया था।

 

एसपी ने शहीद के परिजन को बंधाया ढांढस

श्रीनगर के मालाबाग इलाके में गुरुवार देर रात आतंकियों के साथ शुरू हुई मुठभेड़ मे साहेबगंज नगर पंचायत के अजाद नगर निवासी धनश्याम उरांव के पुत्र कुलदीप उरांव शहीद की सुचना के बाद अजाद नगर में दर्जनों लोगों का जमावाड़ा लगा रहा। शुक्रवार दोपहर को एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा ने शहीद के मौहल्ला जाकर परिजन से मिले और उन्हें ढाढस बंधाया। एसपी ने शहीद के पिता व भाई से बैठकर काफी देर तक बात की। साथ ही एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा ने हिम्मत देते हुए उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानी कभी बेकार नहीं जाती। शहीद होने के बाद भी वह सदा अमर रहते हैं। उनकी शहादत से जिले वासियों को इस पर गर्व होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि कि शहीद की पार्थिव पार्थिव शरीर शनिवार को जैप 9 के ग्राउंड में हेलीकॉप्टर के माध्यम से लाया जाएगा। जिसके बाद वहां से सड़क मार्ग के माध्यम से उनके अजाद नगर स्थित घर पर लाया जाएगा। और यहां  श्रद्धांजलि  देने के उपरांत। इसकी अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

सीएम हेमंत सोरेन ने भी शहीद कुलदीप को किया नमन

राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी शहीद कुलदीप उरांव को नमन किया है। मुख्यमंत्री अपने ट्विटर के माध्यम से शहीद कुलदीप को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में आतंकियों से लोहा लेते हुए झारखंड के लाल सीआरपीएफ जवान कुलदीप शहीद हो गए। परमात्मा शहीद कुलदीप की आत्मा को शांति प्रदान कर परिवार जनों को दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे।

राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू एवं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 133 बटालियन, सीआरपीएफ कैम्प, धुर्वा, रांची पहुंचकर शहीद जवान कुलदीप उरांव के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि दु:ख की इस घड़ी में राज्य सरकार शहीद के परिजनों के साथ सदैव खड़ी है। इस मुश्किल वक़्त में मेरी संवेदनाएं शहीद के परिजनों के साथ है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के साहेबगंज निवासी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान कुलदीप उरांव की शहादत पर पूरे देश को गर्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के इस वीर सपूत का बलिदान को देश कभी भूल नही पाएगा। देश के लिए अपने प्राणों की आहूति देने वाले शहीद जवान कुलदीप उरांव को मेरा शत शत नमन। ज्ञातव्य है कि जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में जवान कुलदीप उरांव शहीद हो गए थे।

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